मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का विमोचन पूर्व मुख्यमंत्री भगत दा, काशी सिंह ऐरी व गणेश गोदियाल ने संयुक्त रूप से किया
देहरादून
देहरादून पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के जीवन यात्रा पर आधारित डॉक्यूमेंट्री का आज देहरादून के स्थानीय एक होटल में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड और पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष गणेश गोदयाल, उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष काशी सिंह एरी,चैतन्य प्रभु ने संयुक्त रूप से विमोचन किया विमोचन के बाद डॉक्यूमेंट्री जो की हरीश रावत के जीवन यात्रा पर आधारित रही है उसमें पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ग्राम सभा से लेकर मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री तक की यात्रा चित्रण किया गया है और उसमें यह भी दिखाया है के जीवन का की कैसे वह पहले ब्लॉक प्रमुख का चुनाव मात्र ₹25 देकर लड़े खर्च कर कर और कैसे 80 के दशक में भाजपा के वरिष्ठ नेता नेता पंडित मुरली मनोहर जोशी के विरुद्ध चुनाव लड़कर संसद में पहुंचे उसे डॉक्यूमेंट्री में हरीश रावत की जीवन यात्रा में कैसे नेहरू,गांधी परिवार कैसे इंदिरा जी का स्नेह मिला उनको मिला कैसे उन्होंने युवा कांग्रेस का राष्ट्रीय स्तर परव सेवा दल राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व किया कैसे ट्रेड यूनियन से जुड़कर उन्होंने तमाम देश के अंदर ट्रेड यूनियन के आंदोलन को मजबूत किया सेवा दल के माध्यम से कांग्रेस को पूरे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया उसे डॉक्यूमेंट्री में यह भी दिखाया गया है कि जो 2016 का राजनीतिक घटना कम हुआ था जिसमें की हरीश रावत को अपना मुख्यमंत्री के कार्यकाल में बगावत का सामना करना पड़ा उसे बगावत के बाद कैसे वह पुनः उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय के अस्तित्व के बाद पुनः मुख्यमंत्री बने, उन्होंने बगावत कर सरकार गिरने की घटना को भी याद किया,उन्होंने कुछ डॉक्यूमेंट्री में यह भी दिखाया गया है कि इंदिरा जी का उनके प्रति कितनास्नेह था और उसने को राजीव गांधी के समय में भी बनाए रखा और कैसे राहुल गांधी को वह जब 2013 की आपदा केदारनाथ की आपदा आई जब सब लोग कहते थे कि चार धाम यात्रा दो तीन साल तक नहीं हो सकती

उन्होंने केदारनाथ की यात्रा चार धाम की यात्रा चलाना संभव कर दिखया पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा तक मुख्यमंत्री के रूप में कह चुके थे कि यह यात्रा संभव नहीं है परंतु कैसे जब वो मुख्यमंत्री के रूप में आये हरीश रावत कैसे राहुल गांधी को केदारनाथ की यात्रा में पैदल लेकर गए कैसे स्वयं पैदल चले उसमें यह भी दिखाया है कि हरीश रावत कैसे एक हवाई दुर्घटना में घायल हुए और एम्स में रहकर अपनी गर्दन को बहुत मुश्किल से कैसे फाइलों को दस्तक करते थे उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यपाल महाराष्ट्र के रहे भगत सिंह कोश्यारी की तारीफ में भी काफी कुछ कहा याद किया कि कैसे अलग-अलग ध्रुव में रहते हुए भी आमने-सामने एक दूसरे के विरुद्ध प्रतिद्वंती रहते हुए भी राजनीतिक सद्भावना को कैसे बनाए रख सकते हैं

और वही विमोचन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कौशयारी जी ने भी हरीश रावत की अलग अलग विचारों के बाद भीउनसे जुड़े जुड़े हुए अपने संस्मारणों को खुलकर याद किया उन्होंने भी स्वीकार किया कि हरीश रावत एक कर्मठ युवा थे और उनको भी अच्छा लगता था जब हरीश रावत एक युवा संसद के रूप में संसद में जीरो हावर के हीरो होते थे

कोश्यारी जी ने हरीश रावत की राजनीतिक रेखा से आगे बढ़कर उनके जीवन यात्रा की तारीफ के पुल बांधे परंतु वही अपनी प्रतिबद्धता भी उन्होंने भाजपा के साथ अपनी प्रतिबढ़ता भी दिखाई दिखाइयों ने और भगत सिंह कौशयारी ने अपने जीवन के कुछ पलो को भी याद क़िया जहाँ हरीश रावत ने कहा कि वो अपनी जीवन यात्रा के अनुभव, अपनी उत्तराखइयत, अपने सपनों को लेकर इस दुनिया से चले जायेगें वही भगत दा ने कहा कि हम दोनों अपने अपने सपनो को अभी ज़मीन पर उतारेगें। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने भी कहा कि हरीश रावत हम सब के मार्गदर्शक है उनकी जीवन यात्रा हम सब के लिए प्रेरणा है उनकी जीवन यात्रा का लाभ राज्य को मिले इस का हम सब प्रयास करेंगे, उन्होंने हरीश रावत के जीवन संघर्ष को सबके लिए प्रेरणादायक बताया, हरीश रावत ने उत्तराखंड क्रांति दल के पूर्व अध्यक्ष को संघर्ष का प्रतीक बताया कहा की तमाम उम्र उनका संघर्ष सदैव याद क़िया जायगा।संत हरी बोल चैतन्य महाराज ने भी डॉक्यूमइंट्री के विमोचन पर सभी को आशीर्वाद दिया।

इस अवसर पर विधान सभा के पूर्व अध्यक्ष गोविन्द सिंह कुंजवाल, पूर्व सांसद प्रदीप टम्टा, विधायक मनोज तिवारी, ममता राकेश, पूर्व मंत्री सुरेंद्र नेगी, शूरवीर सजवाण सहित सैकड़ो सामाजिक, सांस्कृतिक राजनितिक विभूतियों के अलावा कांग्रेस कार्यकर्त्ता उपस्तिथ रहे।
