ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में किसानों के सशक्तीकरण विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन ‘लोकविधान 2.0’ शुरू
ग्राफिक एरा में लोकविधान 2.0
नौ राज्यों के छात्र किसानों के सशक्तीकरण पर करेंगे मंथन
देहरादून , 22 अगस्त । ग्राफिक एरा में नौ राज्यों के 1300 छात्र-छात्राएं अन्नदाताओं के सशक्तीकरण, खाद्य सुरक्षा, सतत खेती और विकसित भारत की दिशा में कृषि के भविष्य से जुड़े अहम मुद्दों पर मंथन कर रहे हैं।

आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में किसानों के सशक्तीकरण विषय पर दो दिवसीय सम्मेलन ‘लोकविधान 2.0’ शुरू हो गया। लोकसंविधान के उद्घाटन समारोह में प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा किसानों की मेहनत और योगदान पर टिकी है। अन्नदाता न केवल देश का पेट भरते हैं, बल्कि एक स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की नींव भी रखते हैं।

कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि किसानों को सशक्त बनाने के लिए उन्हें उचित आय, आधुनिक कृषि पद्धतियों, जल दक्षता, जलवायु अनुकूल खेती और स्वस्थ मिट्टी से जोड़ना होगा। साथ ही, फसल कटाई के बाद प्रोसेसिंग, भंडारण और खाद्य बर्बादी रोकने पर जोर देना होगा।

लोकविधान 2.0 में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, पश्चिम बंगाल और जम्मू से 1300 छात्र-छात्राएं प्रतिभाग कर रहे हैं। इनमें देशभर के 105 विभिन्न संस्थानों के छात्र शामिल हैं, जिनमें स्कूलों के छात्र भी हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय सम्मेलन में किसानों के अधिकार, महिला सुरक्षा, डिजिटल फाइनेंस, ग्रामीण विकास, जलवायु परिवर्तन, वैश्विक व्यापार और सतत विकास जैसे विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा होगी।

लोकविधान 2.0 का आयोजन ग्राफिक एरा की यूथ पार्लियामेंट सोसाइटी ने किया। कार्यक्रम में प्रो वीसी डा. संतोष एस. सर्राफ, यूथ पार्लियामेंट सोसाइटी की चेयरपर्सन डा. प्रभा लामा , डा. भारती शर्मा के साथ अन्य विभागों के अध्यक्ष, शिक्षक शिक्षिकाएँ और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
