स्मार्ट सिटी निर्माण में तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय जरूरी
स्मार्ट सिटी निर्माण में तकनीक और पर्यावरण संरक्षण का समन्वय जरूरी
देहरादून, 22 अगस्त। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य के शहरों में तकनीक के साथ बेहतर पर्यटन सुविधाओं और पर्यावरण संरक्षण पर ध्यान देना जरूरी है। डिजिटल सेवाओं, स्मार्ट ट्रांसपोर्ट और रियल-टाइम जानकारी से पर्यटकों को बेहतर अनुभव दिया जा सकता है।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज भविष्य के शहरों के विकास पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि भाजपानेत्री एवं देहरादून कैंट विधायक श्रीमती सविता कपूर ने कहा कि आज के शहर ही कल के भविष्य का निर्माण करते हैं। इसलिए शहरों को हर पहलू और मापदंड को ध्यान में रखते हुए सोच-समझकर विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के विकास में तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
अभिज्ञान एआईक्यू के चीफ एआई स्ट्रैटेजी ऑफिसर, श्री शुभम सिंह ने कहा कि भविष्य के स्मार्ट शहरों की नींव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और मजबूत साइबर सुरक्षा पर आधारित होगी। एआई के माध्यम से ट्रैफिक प्रबंधन, ऊर्जा उपयोग, सार्वजनिक सेवाओं, आपदा प्रबंधन और नागरिक सुविधाओं को अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। सम्मेलन को यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ नरपिंदर सिंह ने आभार व्यक्त किया।

इस दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भविष्य के शहरों की बदलती जरूरतों, तकनीकी नवाचारों, डिजिटल समाधान, सुरक्षित एवं सुगम शहरी सेवाओं और पर्यावरण अनुकूल विकास पर विचार-विमर्श किया गया। सम्मेलन में कुल 46 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए। इक्वाडोर, अमेरिका, सिंगापुर, माल्टा, आयरलैंड समेत 18 देशों के प्रतिनिधियों ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से भाग लिया।

कार्यक्रम का आयोजन यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट और ग्लोबल चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में प्रो वीसी डॉ संतोष एस सर्राफ, स्कूल ऑफ़ मैनेजमेंट हेड डॉ राजेश तिवारी, शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
