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रजत जयंती समारोह में दिखी संस्कृति की झलक नृत्य प्रतियोगिता में ग्राफिक एरा का जलवा

रजत जयंती समारोह में दिखी संस्कृति की झलक

नृत्य प्रतियोगिता में ग्राफिक एरा का जलवा

देहरादून, 8 नवंबर। राज्य स्थापना दिवस की रजत जयंती पर ग्राफिक एरा में राज्य स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता हुई। ग्रुप फॉक श्रेणी में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने और सोलो नृत्य श्रेणी में देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

प्रतियोगिता में उत्तराखंड के 15 से अधिक विश्वविद्यालयों ने भाग लेकर प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और नृत्य परंपराओं की झलक प्रस्तुत की। नृत्य की थीम उत्तराखंड की संस्कृति और विरासत पर आधारित थी, जिसमें गढ़वाली, कुमांऊनी और जौनसारी नृत्य शैलियों की आकर्षक प्रस्तुतियों ने दर्शकों का मन मोह लिया।

प्रतियोगिता में ग्रुप फॉक श्रेणी में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी ने पहला स्थान, दून यूनिवर्सिटी ने दूसरा स्थान और महाराजा अग्रसेन हिमालयन गढ़वाल यूनिवर्सिटी ने तीसरा स्थान हासिल किया। वहीं सोलो नृत्य श्रेणी में देव संस्कृति विश्वविद्यालय ने पहला स्थान, पतंजलि यूनिवर्सिटी ने दूसरा स्थान और श्री देवी सुमन यूनिवर्सिटी ने तीसरा स्थान प्राप्त कर नकद इनाम जीते।

इस राज्य स्तरीय नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में भारत सरकार की उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डा. देवेंद्र भसीन, आईएएस सचिव तकनीकी शिक्षा विभाग रंजीत सिन्हा, उच्च शिक्षा सहायक निदेशक दीपक पांडे, कुलपति डा. नरपिंदर सिंह, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन ऑफ स्टूडेंट वेलफेयर एंड एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर डा. (कैप्टन) डी. सी. पांडे, डा. ए. एस. शुक्ला समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

*ग्राफिक एरा में हैकाथॉन*

*दिव्यांगों की समस्याओं का समाधान खोजने में जुटे 10 राज्यों के छात्र*

देहरादून, 8 नवंबर। दिव्यांगों की विभिन्न समस्याओं का समाधान खोजने के लिए 10 राज्यों के छात्र ग्राफिक एरा में जुट गए हैं। राज्य स्थापना की रजत जयंती पर यह अनुपम कार्यक्रम सारथी नमक हैकाथॉन के रूप में किया गया है।

आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में दिव्यांगजनों के जीवन को सरल बनाने वाली तकनीकी समाधानों की खोज के लिए 24 घंटे की हैकाथॉन (सारथी) शुरू हो गई है। हैकाथॉन को संबोधित करते हुए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलपति डा. अमित आर भट्ट ने कहा कि समाज में तकनीकी प्रगति का उद्देश्य तभी पूरा होगा जब वह सभी के जीवन को समान रूप से सशक्त बनाएं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आवाह्न किया कि वह अपने ज्ञान और नवाचार का उपयोग उन दिव्यांगजनों की मदद के लिए करें जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन के साइंटिस्ट डा. उन्नीकृष्णन ने कहा कि आज का युवा ही देश की भविष्य के नवप्रवर्तक है जो भारत को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाएंगे। उन्होंने कहा कि सारथी जैसे हैकाथॉन न केवल तकनीकी कौशल विकसित करते हैं, बल्कि छात्र-छात्राओं को समाज के प्रति संवेदनशील भी बनाते हैं। कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो चांसलर डा. राकेश कुमार शर्मा ने नई खोजों से जुड़े अपने अनुभव साझा किए।

हैकाथॉन में उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, उड़ीसा, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों से 50 से अधिक टीमों में 200 से अधिक छात्र-छात्राएं भाग ले रहे हैं। 24 घंटे चलने वाली इस हैकाथॉन में प्रतिभागियों को दिव्यांगजनों के लिए स्मार्ट मोबिलिटी और नेविगेशन, बहुभाषी और सांस्कृतिक समावेशन, स्वास्थ्य और पुनर्वास तकनीक, रोजगार और कार्यस्थलों पर सुलभता नीति और जागरूकता, समावेशी शिक्षा उपकरण जैसे उपयोगी तकनीकी समाधान तैयार करने होंगे।

हैकाथॉन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के डिपार्मेंट आॅफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग और स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग ने संयुक्त रूप से किया। हैकाथॉन में ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कुलसचिव डा. डी.के जोशी, डिपार्टमेंट ऑफ कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग के हेड डा. अनुपम सिंह के साथ डा. चंद्रदीप भट्ट, डा. लक्ष्मी सपरा, डा. हिमानी महेश्वरी, सुशांत चमोली अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल रहे।

 

*ग्राफिक एरा में राज्य स्तरीय गायन प्रतियोगिता*

*अल्मोड़ा के पियूष आर्य ने जीता प्रथम पुरस्कार*

देहरादून, 8 नवंबर। उत्तराखंड की रजत जयंती पर आयोजित लोक गायन प्रतियोगिता में पियूष आर्य ने पहला स्थान प्राप्त किया।

इस प्रतियोगिता का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में किया गया। कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए तकनीकी शिक्षा विभाग के सचिव डा. रंजीत कुमार सिन्हा ने कहा कि उत्तराखंड इस वर्ष अपनी रजत जयंती मना रहा है और यह उत्सव प्रदेश की उपलब्धियां विकास और प्रगति के सफर का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम युवा पीढ़ी को राज्य की संस्कृति से जोड़ने का एक सुंदर माध्यम है।

उत्तराखंड सरकार के उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डा. देवेंद्र भसीन ने कहा की नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जुड़ाव बनाए रखना चाहिए। हमारे लोकगीत और परंपरा केवल संगीत नहीं है यह हमारी पहाड़ों की आत्मा, नदियों का लय और लोक जीवन की पहचान भी है।

एकल गायन प्रतियोगिता में राज्य के 10 से अधिक विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं के मधुर गीतों से पूरा परिसर लोक-धुनों से गूंज उठा। प्रतियोगिता में अल्मोड़ा स्थित सोबन सिंह जीना यूनिवर्सिटी के पियूष आर्य ने पहला स्थान और हिमांशु कुमार ने दूसरा स्थान, वही दून यूनिवर्सिटी के अनिरुद्ध नौटियाल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को नकद पुरस्कार भी दिए गए।

कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के सिल्वर जुबली कन्वेंशन सेंटर में किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डा. जयपाल सिंह चैहान, उच्च शिक्षा के संयुक्त सचिव श्री विक्रम सिंह यादव, उच्च शिक्षा विभाग के सहायक निदेशक डा. प्रमोद डोबरियाल, उच्च शिक्षा उपनिदेशक डा. ममता नैथानी, उच्च शिक्षा के उप सचिव श्री दीपक कुमार, उच्च शिक्षा के सहायक निदेशक डा. दीपक के पांडेय, कुलपति डा. नरपिंदर सिंह, कुलसचिव डा. नरेश कुमार शर्मा, एसोसिएट डीन आॅफ स्टूडेंट वेलफेयर एण्ड एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर डा. (कैप्टन) डी. सी. पांडे समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्र शामिल रहे। प्रतियोगिता का संचालन विधि कप्रुवान ने किया।

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