आइडिया को सोच तक सीमित न रखें, इनोवेशन बनाएं – डा. घनशाला
ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में बीटेक का नया सत्र शुरू
आइडिया को सोच तक सीमित न रखें, इनोवेशन बनाएं – डा. घनशाला
देहरादून, 11 अगस्त। ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला ने कहा कि हर इनोवेशन की शुरुआत एक छोटे से आइडिया से होती है। अपने आइडिया को केवल सोच तक सीमित न रखें, बल्कि दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और अनुशासन के साथ उन्हें इनोवेशन में बदलें।

डा. घनशाला आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के बीटेक के इंडक्शन प्रोग्राम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कक्षा में सीखी गई थ्योरी को सिर्फ किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उसे वास्तविक जीवन में इस्तेमाल करना सीखें। डा. घनशाला ने छात्र छात्राओं को सॉफ्ट स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल्स और स्वयं को प्रभावी ढंग से व्यक्त करने पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी। उन्होंने असफलता को सफलता की राह का जरूरी हिस्सा बताते हुए कहा कि हार को अंत नहीं, बल्कि अनुभव के रूप में देखना चाहिए। इसलिए छात्र छात्राओं को असफलता से डरने के बजाय उससे सीखने की आदत विकसित करनी चाहिए।

डा. घनशाला ने कहा कि आज की प्रतिस्पर्धी दुनिया में छात्र छात्राओं को केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर खुद को साबित करने के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने टीमवर्क और ईगो मैनेजमेंट को जरूरी बताते हुए कहा कि दूसरों की गलतियों से सीखना ही समझदारी है। उन्होंने ग्राफिक एरा में क्वालिटी टीचिंग फैकल्टी और प्रोजेक्ट-बेस्ड लर्निंग की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां छात्र छात्राओं को केवल थ्योरी तक सीमित नहीं रखा जाता, बल्कि उन्हें प्रैक्टिकल और इंडस्ट्री-ओरिएंटेड लर्निंग के माध्यम से भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार किया जाता है। ग्राफिक एरा में विश्वस्तरीय हाई-टेक सुविधाओं और इंडस्ट्री-रेडी प्रशिक्षण से छात्रों को बेहतर प्लेसमेंट और करियर के लिए तैयार किया जा रहा है।
अंत में डा. घनशाला ने छात्रों से संवाद करते हुए उनके सपनों, विचारों और भविष्य की योजनाओं को जाना और उनके सवालों और जिज्ञासाओं पर भी चर्चा की।

इससे पहले उद्घाटन सत्र में यूनिवर्सिटी की कार्यकारी कुलपति डा. तब्बसुम नकवी और डीन ऑफ एकेडमिक्स डा. प्रमोद नायर ने भी छात्र छात्राओं को संबोधित किया। इंडक्शन प्रोग्राम में छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों को यूनिवर्सिटी की नीतियों और गतिविधियों की जानकारी दो गई। उन्हें एकेडमिक सुविधाओं के साथ लाइब्रेरी, आधुनिक लैब्स और स्पोर्ट्स से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। छात्र छात्राओं को यूनिवर्सिटी के रूल्स एंड रेगुलेशंस, एकेडमिक गाइडलाइंस और डिसिप्लिन से परिचित करने के साथ साथ कल्चरल क्लब्स, स्टूडेंट एक्टिविटीज और को-करीकुलर गतिविधियों से भी अवगत कराया गया।
