देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने 70 फीट लंबे विशाल गलौटी कबाब का निर्माण कर रचा इतिहास
देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय ने 70 फीट लंबे विशाल गलौटी कबाब का निर्माण कर रचा इतिहास
देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय (DBUU), देहरादून ने पाक कला के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए अपने स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म (SoHMT) के माध्यम से 70 फीट लंबे तथा 4 इंच व्यास वाले विशाल गलौटी कबाब का सफलतापूर्वक निर्माण किया। इस अद्वितीय उपलब्धि को मात्र 4 घंटे 29 मिनट में पूरा किया गया। विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित इस रिकॉर्ड प्रयास कार्यक्रम में शिक्षाविदों, आतिथ्य उद्योग के विशेषज्ञों, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा खाद्य प्रेमियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।

इस महत्वाकांक्षी पाक चुनौती का नेतृत्व स्कूल ऑफ होटल मैनेजमेंट एंड टूरिज्म के डीन डॉ. चंद्रमौलि ने किया। उनके नेतृत्व में 15 सदस्यों (विद्यार्थियों एवं संकाय सदस्यों) की समर्पित टीम ने उत्कृष्ट पाक कौशल, टीमवर्क, नवाचार एवं समय प्रबंधन का परिचय देते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर इस चुनौती को सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह विशाल गलौटी कबाब पूरी तरह से शाकाहारी सामग्री जैसे आलू, सोया चंक्स, चना, बेसन तथा मिश्रित सब्जियों से तैयार किया गया। यह प्रयास भारत के प्रसिद्ध अवधी व्यंजन ‘गलौटी कबाब’ को समर्पित था, जो अपनी मुलायम बनावट, मनमोहक सुगंध और मसालों के अनूठे मिश्रण के लिए जाना जाता है। पारंपरिक रूप से लखनऊ के शाही रसोईघरों से जुड़ा यह व्यंजन भारत की समृद्ध पाक विरासत का प्रतीक माना जाता है।

यह रिकॉर्ड प्रयास विश्वविद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को प्रदान की जाने वाली व्यावहारिक एवं उद्योगोन्मुखी शिक्षा का उत्कृष्ट उदाहरण रहा। इस आयोजन ने आतिथ्य एवं पाक कला शिक्षा में विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता तथा अनुभवात्मक शिक्षण (Experiential Learning) के प्रति प्रतिबद्धता को प्रदर्शित किया। कार्यक्रम में शामिल विद्यार्थियों को बड़े पैमाने पर खाद्य उत्पादन, कार्यक्रम प्रबंधन, टीमवर्क, गुणवत्ता नियंत्रण तथा पेशेवर रसोई संचालन का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त हुआ।
इस अवसर पर डॉ. चंद्रमौलि ने विश्वविद्यालय के माननीय अध्यक्ष श्री संजय बंसल, माननीय उपाध्यक्ष श्री अमन बंसल तथा माननीय कुलपति प्रो. अजय कुमार के सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा एवं सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि नवाचार आधारित शैक्षणिक गतिविधियाँ विद्यार्थियों को वास्तविक परिस्थितियों में सीखने के अवसर प्रदान करती हैं तथा उनमें रचनात्मकता, सटीकता और व्यावसायिक दक्षता का विकास करती हैं।
इस चुनौती की तैयारी के लिए विस्तृत योजना, अनेक अभ्यास सत्र, सामग्री का मानकीकरण, उपकरणों का परीक्षण तथा व्यापक सुरक्षा मूल्यांकन किया गया। कार्यक्रम की सफलता सुनिश्चित करने हेतु विशेष रूप से डिज़ाइन की गई कुकिंग व्यवस्था और अनुकूलित उपकरणों का उपयोग किया गया। संपूर्ण प्रक्रिया के दौरान स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता नियंत्रण के उच्चतम मानकों का पालन किया गया।

रिकॉर्ड स्थापित करने वाले इस विशाल गलौटी कबाब के निर्माण में प्रमुख भूमिका निभाने वाले विद्यार्थियों में हर्ष थापा, पीयूष पुंडीर, किरण रावत, विशाल सिंह, यश भट्ट एवं यश कुमार सहित अन्य समर्पित छात्र शामिल रहे। वहीं मार्गदर्शन एवं निर्माण प्रक्रिया में योगदान देने वाले संकाय सदस्यों में शेफ डॉ. चंद्रमौलि (डीन, SoHMT), शेफ सुरेन्द्र सिंह बिष्ट, शेफ रवि राणा, शेफ सेतु शर्मा, शेफ विनय कुमार मलकौटी, श्री शुभांग वालिया, शेफ रोहित सिंह थपलियाल, शेफ शुभम तथा श्री अजय बिष्ट शामिल रहे।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर पूरी टीम को बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह पहल देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय की पहचान को आतिथ्य एवं पाक कला शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में और अधिक सशक्त बनाएगी। इस आयोजन ने विद्यार्थियों की प्रतिभा, रचनात्मकता और व्यावसायिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने के साथ-साथ भारत की समृद्ध पाक परंपराओं को भी व्यापक मंच प्रदान किया।

70 फीट लंबे विशाल गलौटी कबाब का सफल निर्माण विश्वविद्यालय की नवाचार, व्यावहारिक शिक्षा और शैक्षणिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता का सशक्त प्रमाण है। यह उपलब्धि भावी आतिथ्य एवं पाक कला पेशेवरों को पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर नवाचार, उत्कृष्टता और रचनात्मकता के नए आयाम स्थापित करने के लिए प्रेरित करेगी।
