नर्सिंग क्षेत्र में 500 नए पद होंगे सृजितः स्वास्थ्य मंत्री – गढ़ संवेदना
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-नर्सिंग पाठयक्रम में सिमुलेशन को भी जोड़ने की आवश्यकताः मनीषा
-राज्य के अलावा रूस एवं अमेरिका के प्रतिनिधियों ने भी लिया भाग
देहरादून। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण व उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने कहा उत्तराखंड राज्य में नर्सिंग के तीन हजार पद सृजित किये गये हैं, जिसमें से 1450 भर्तियां हो चुकी हैं तथा शेष 1400 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है। इसके बाद 500 पद और सृजित करने का निर्णय लिया गया है।स्वास्थ्य मंत्री रावत, श्रीदेव भूमि इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन साईंस एण्ड टैक्नोलॉजी के प्रांगण में उत्तराखण्ड राज्य के नर्सिंग पाठयक्रम के छात्र-छात्राओं के लिये आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम शायबन मेडिकेयर, निदेशक डा. संदीप गौड़ के सहयोग आयोजित कार्यशाला में बतौर मुख्य अतिथि विचार व्यक्त कर रहे थे। इससे पूर्व मुख्य अतिथि ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में के बढ़ते उपयोग की सराहना की ओर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के के प्रति लगाव के प्रति खुशी जाहिर की। उन्होंने उत्तराखण्ड राज्य में नर्सिंग क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा रोजगार मुहैया करवाने के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा उत्तराखण्ड राज्य को 2025 तक नशा मुक्त एवं टी.बी. मुक्त राज्य बनाने का संकल्प लिया है साथ ही राज्य की साक्षरता दर, शत-प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा है। इसके उपरान्त मुख्य अतिथि डॉ. धन सिंह रावत ने सभी मैनकिन का निरीक्षण किया तथा सभी प्रशिक्षकों से वार्तालाप किया। इस अवसर पर मनीषा ध्यानी, रजिस्ट्रार, उतराखण्ड स्टेट नर्सिंग एव मिडवाइफरी काउंसिल, देहरादून ने कहा समय के साथ नर्सिंग पाठयक्रम में सिमुलेशन को भी जोड़ने की आवश्यकता है यह सिमुलेशन मानव शरीर की तरह ही तैयार किये गये हैं जिनके ऊपर छात्रध्छात्रायें अध्ययन कर सकते हैं। इसके उपरान्त डा. राम कुमार शर्मा, प्राचार्य, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, पौढ़ी गढ़वाल, देहरादून ने कार्यशाला के आयोजन के लिये सराहना की तथा उत्तराखण्ड राज्य के अन्य कॉलेजों में भी इस तरह की तकनीक उपलब्ध होने के बारे में अपना मत रखा। इस अवसर पर डॉ. आशुतोष सयाना निदेशक, चिकित्सा शिक्षा निदेशालय, देहरादून ने कहा श्री देव भूमि इंस्टीटयूट ऑफ एजुकेशन साइंस एंड टेक्नोलॉजी चिकित्सा के क्षेत्र में अत्यन्त महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
कार्यशाला में उत्तराखण्ड राज्य से राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी, राजकीय नर्सिंग कॉलेज देहरादून, राजकीय नर्सिंग कॉलेज सहारनपुर, केयर कॉलेज ऑफ नर्सिंग, हरिद्वार, ग्राफिक ईरा, देहरादून, आरोग्यम नर्सिंग स्टाफ कॉलेज, देहरादून, सिद्धार्थ कॉलेज ऑफ नर्सिंग, देहरादून, राजकीय नर्सिंग कॉलेज, बदायुॅ, राजकीय नर्सिंग कॉलेज हल्द्वानी, राजबिहारी बोस सुभारती विश्वविद्यालय, देहरादून, श्रीकोट नर्सिंग कॉलेज, श्रीनगर, आदि से लगभग 350 शिक्षकगण, छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम में संस्थान के अध्यक्ष श्रीनिवास नौटियाल ने नर्सिंग छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि नर्सिंग, समर्पण का दूसरा नाम है। कोविड-19 महामारी के दौरान नर्सों द्वारा महत्वपूर्ण भूमिका की याद दिलाते हुये उनके सहयोग की सराहना की। कार्यक्रम में निदेशक डॉ. शिवानन्द पाटिल ने कहा हमारा संस्थान नर्सिंग पाठ्यक्रम के संचालन हेतु दृढ संकल्पित है। हमारे संस्थान में अनुभवी शिक्षकों व अन्य क्वालिफाइड स्टाफ की व्यवस्था की गई है। इनके साथ रुस से आए मुख्य ट्रेनर इगनौट, हैड ऑफ इंडिया बिजनेस पायरोगौव एनौटमी, रुस, डा. गजेन्द्र सिंह, राजकीय मेडिकल कॉलेज बदायुं, उतर प्रदेश, तन्मय सक्सेना, निदेशक, हैड ऑफ इंडिया बिजनेस, सैंडौर मेडिकेडस (गोमार्ड सिमुुलेटर), यूएसए, राहुल एम, मेडिकल सिमुलेशन विशेषज्ञ, गौमार्ड हेल्थकेयर सिमुलेटर, पूनम कुमारी, मेडिकल सिमुलेशन विशेषज्ञ, सिमुलैब सिम्युलेटर, डॉ. शांत कुमार, प्रशिक्षण प्रबंधक सिमुलेशन, गौमार्ड सिम्युलेटर फॉर हेल्थकेयर, यूएसए, मीनू परगैन, सहायक प्रो. राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय, पौढ़ी गढ़वाल, राज कुमार श्रीवास्तव, सीनियर टयूटर, स्टेट कॉलेज ऑफ नर्सिंग, चंद्र नगर देहरादून प्रो. डॉ. राजेश कुमार शर्मा, हिमालयन कॉलेज ऑफ नर्सिंग, जॉलीग्रांट, देहरादून, उत्तराखंड दिनेश पंत, प्रशिक्षक, शायबन मेडिकेयर उत्तराखंड, युगांत, सिमुुलेटर ट्रेनर, नैस्को हेल्थकेयर, यूएसए उपस्थित रहे।