जातिगत कानूनों के लिए राष्ट्रीय पार्टी जिम्मेदार
जातिगत कानूनों के लिए राष्ट्रीय पार्टी जिम्मेदार
देहरादून सवर्ण सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए स्वामी आनंद स्वरूप जी ने कहा कि उत्तराखंड में समानता पार्टी तीसरे विकल्प के रूप में सभी क्षेत्रीय दलों को नेतृत्व दे सकती है । उन्होंने राष्ट्रीय दलों पर निशाना साधते हुए ..कहा कि ये दल सत्ता में बने रहने के लिए जातीय कानूनों का सहारा लेकर सवर्ण समाज के उत्पीड़न का हथियार बना रहे है ।उन्होंने राष्ट्रीय दलों का मोह छोड़कर क्षेत्रीय एवं समानता के समर्थक दलों के प्रतिनिधि चुनने की आवश्यकता बताई .कहा कि समानता पार्टी ही क्षेत्रीय दलों का नेतृत्व कर सकती है उन्होंने उपस्थित लोगों को संकल्प दिलाया कि वे किशीभी राष्ट्रीय दलों को वोट नहीं करेंगे । पार्टी की महिला नेत्री रीता बिष्ट कौल ने अपने संबोधन में कहा रोहित वेमुला के आत्महत्या के प्रकरण में कानून बनाने वाली सरकार 13800 सवर्ण बच्चों के आत्महत्या पर सरकार मौन है ।

अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण कानून एक आर्थिक लाभ का धंधा बनकर सवर्णों के उत्पीड़न का हथियार बना दिया गया है हिमांचल प्रदेश से आए देवभूमि पार्टी के अध्यक्ष रूमित ठाकुर द्वारा ने दावा किया कि सवर्ण विरोधी दलों को हटाकर हम समानता समर्थकों की सरकार बनाएगी उन्होंने जनजागरण के लिए 600किमी यात्रा के प्रस्तावित कार्यक्रम का बारे में जानकारी देते हुए उत्तराखंड के लोगो से भी यात्रा में समलित होने की अपील की। हरिद्वार से आए ब्राह्मण सभा के विशाल शर्मा ने कहा कि यूजीसी एक्ट तो वापस होगा ही किंतु हम्में अपनी एकता के बल पर एट्रोसिटी एक्ट की अलोकतांत्रिक धाराओं को वापस करना होगा उन्होंने सभी दलों को साथ आकर राष्ट्रीय दलों का सत्ता से बाहर करना होगा लखनऊ से आए एडवोकेट पंकज त्रिपाठी ने कहा कि सवर्ण समाज आज अनाथ हो गया है दर्द सभी महसूस कर रहे है किंतु उसकी दवा की उन्हें जानकारी नहीं है उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय दलों के विरोध में जो भी मोर्चा बनेगा हम उसके समर्थन में खड़े रहेंगे उन्होंने कहा कि मूल संविधान के मूल भावना को खत्म कर अपने राजनीतिक लाभ के लिए संविधान में मनमाने कानून बनाए जा रहे है संविधान का मूल ड्राफ्ट के शिल्पी डॉ बी. एन . राव थे लेकिन आज भीमराव आंबेडकर को संविधान निर्माता बताया जा रहा है

मूल संविधान में 10वर्ष के आरक्षण को आज वीणा समीक्षा किए लगातार बढ़ाया जा रहा है ।अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बी. एन .साहू द्वारा गया गया कि उनके अराजनैतिक संगठन द्वारा भी महसूस किया जा रहा है कि वीणा राजनीतिक विकल्प बनाए समानता स्थापित किया जाना संभव नहीं है उन्होंने उत्तराखंड समानता पार्टी द्वारा उठाए गए मुद्दों का समर्थन करते हुए लोगों से नया विकल्प चुनने का आग्रह किया पूर्व डीआईजी जुगल किशोर तिवारी द्वारा ने सवर्ण समाज को एकजुट होने एवं वर्तमान विधायक सांसदों के घेराव कर सवर्णों के विरुद्ध बन रहे कनून में उनकी सहभागिता के निंदा करने की अपील की ।सम्मेलन का संचालन करते अखिल भारतीय समानता मंच के राष्ट्रीय महा सचिव वी.पी नौटियाल ने मंच संचालन करते हुए उत्तराखंड समानता पार्टी के गठन की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए मंच द्वारा आरक्षण सीमा को 50प्रतिशत तक बनाए रखने के न्यायालय के फैसले का जिक्र करते हुए अही राज्यों में सात प्रतिशत आरक्षण दिए जाने की घोर भर्त्सना की।

उत्तराखंड समानता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंदन सिंह नेगी के अध्यक्षता में आयोजित ईश सम्मेलन में त्रिभुवन शर्मा वैभव जोशी पी सी तिवारी विनोद कुमार धस्माना प्रो.भगवती प्रसाद पुरोहित आदि ने भी संबोधित किया। उत्तराखंड समानता पार्टी एवं अखिल भारतीय समानता मंच द्वारा आयोजित ईश सम्मेलन में बड़ी संख्या में लोगों ने प्रतिभाग किया जिनमें नरेश नौटियाल देवेंद्र असवाल भूपेंद्र वशिष्ठ डॉक्टर भरतसिंह बिष्ट उमाशंकर थपलियाल यशोदा धस्माना मधु कुकरेती अरुणा नौटियाल उमेश ध्यानी नरेंद्र मुंडेपी आदि सम्मिलित थे।
वी.के.धस्माना मीडिया प्रभारी उत्तराखंड समानता पार्टी
