तकनीकी नवाचार से बढ़ेगी उद्यमिता की रफ्तार
तकनीकी नवाचार से बढ़ेगी उद्यमिता की रफ्तार
देहरादून, 12 मार्च। ग्राफिक एरा में तकनीक को बीआईएस मानकों से जोड़ने पर दो दिवसीय कार्यशाला शुरू हो गई है। कार्यशाला के पहले दिन विशेषज्ञों ने उद्यमिता में मानकों की भूमिका, नई तकनीकों के प्रयोग और गुणवत्ता मानकों के महत्व की जानकारी दी।

आज ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में मानक आधारित तकनीकी नवाचार विषय पर आयोजित इस कार्यशाला को संबोधित करते हुए कुलपति नरपिंदर सिंह ने कहा कि समय के साथ ज्ञान को अपडेट करना आवश्यक है, क्योंकि कंपनियां उन युवाओं को अवसर देती है जो नवीनतम तकनीकी नवाचारों से परिचित होते हैं। उन्होंने कहा कि शोध पत्र नई तकनीक को समझने और तकनीकी इकोसिस्टम को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भारतीय मानक ब्यूरो, देहरादून के निदेशक सौरभ तिवारी ने कहा कि नवाचार और तकनीक के साथ मानकों का समन्वय भारत में उद्यमिता के तेज विकास का सेतु बन सकता है।
अशोक लेलैंड के सीनियर मैनेजर, राघवेंद्र लाल ने कहा कि बड़े पैमाने पर उत्पादन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानक, तकनीक और नवाचार का समन्वय आवश्यक है।
इस दो दिवसीय कार्यशाला में प्रतिभागियों को उद्यमिता में मानकों की समझ, गुणवत्ता मानकों के महत्व और स्टार्टअप व शोध की जानकारी दी जाएगी।

इस कार्यशाला का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के मैकेनिकल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट, यूकॉस्ट और बीआईएस ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में आईआईटी रुड़की की प्रोफेसर डॉ अनुराग कुलश्रेष्ठ, मैकेनिकल इंजीनियरिंग के हेड डॉ कपिल शर्मा, डॉ देशबंधु सिंह, डॉ राकेश चंदमाल शर्मा, अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
