ग्राफिक एरा की लैब में होगी अब सड़कों, इमारतों और पुलों में लगी सामग्री की जांच
ग्राफिक एरा की लैब में होगी अब सड़कों, इमारतों और पुलों में लगी सामग्री की जांच
देहरादून , 27 मार्च । ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में अब सड़कों, पुलों और इमारतों में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की जांच भी होगी। नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज (एनएबीएल) ने इसके लिए ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को मान्यता दी है।

ग्राफिक एरा को एनएबीएल से मान्यता मिलना न केवल इसकी उच्च गुणवत्ता का प्रमाण है, बल्कि इसे अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप एक विश्वस्तरीय प्रशिक्षण केंद्र के रूप में भी स्थापित करता है। इसके लिए एनएबीएल ने ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी को आईएसओ/आईइसी 17025:2017 सर्टिफिकेट जारी करके जनरल रिक्वायरमेंट्स फॉर द कॉम्पिटेंस ऑफ टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज का दर्जा दिया है।

ग्राफिक एरा की मैटेरियल्स टेस्टिंग लैब अब और अधिक सशक्त होकर सरकारी संस्थानों, निजी कंपनियों और इन्फ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता की जांच की प्रमाणित सेवाएं प्रदान कर सकेगी। आधुनिक तकनीक और उन्नत उपकरणों से लैस इस लब में कंक्रीट, मिट्टी, स्टील, सीमेंट, ईट एग्रीगेट्स और बिट्यूमेन जैसी निर्माण सामग्री की जांच की जा सकती है। साथ ही नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्टिंग की सुविधा भी उपलब्ध है।

ग्राफिक एरा की यह उपलब्धि उसकी शोध उत्कृष्टता और उद्योगों के साथ मजबूत साझेदारी का प्रतीक है। इससे न केवल छात्रों को बेहतर व्यावहारिक अनुभव मिलेगा बल्कि उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकसित करने में भी मदद मिलेगी।
ग्राफिक एरा के कुलपति डा. नरपिंदर सिंह ने कहा कि सिविल इंजीनियरिंग की इस लैब में एनएबीएल के मानकों के अनुसार जांच करने और सटीक रिपोर्ट देने के लिए पर्याप्त टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञों की सेवाएं उपलब्ध है।
