बर्फबारी के बीच दुर्गम गांव पहुंचे ग्राफिक एरा के डॉक्टर,
बर्फबारी के बीच दुर्गम गांव पहुंचे ग्राफिक एरा के डॉक्टर
देहरादून, 27 जनवरी । ग्राफिक एरा के चलते फिरते अस्पताल बर्फबारी वाले दुर्गम गांवों तक पहुंचने लगे हैं। ऐसे ही वहां गांव में ग्राफिक एरा के डॉक्टर ने 156 लोगों को चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराई। इस गांव के लोगों को इलाज के लिए 52 किलोमीटर दूर जाना पड़ता था।
क्षेत्रीय लोगों ने ग्राफिक एरा के डॉक्टरों के साथ मोबाइल मेडिकल यूनिट पहुंचने पर समारोह आयोजित करके खुशी जाहिर की। इस समारोह में जिला पंचायत उपाध्यक्ष लक्ष्मण खत्री ने वहां चिकित्सा सेवा का शुभारंभ किया। समारोह में वान की ग्राम प्रधान नंदूली देवी, बीडीसी सदस्य हेमा देवी, ग्रामीणजन एवं मोबाइल मेडिकल यूनिट की टीम उपस्थित रही।

दुर्गम परिस्थितियों के बावजूद यूनिट ने गांव में पहुंचकर ओपीडी सेवाएं, प्राथमिक जांच, नेत्र परीक्षण, पैथोलॉजी जांच तथा जांच करके निःशुल्क दवाई दी। इस मेडिकल टीम में चिकित्सक डॉ. रत्नेश, डॉ. सिद्धि और ऑप्टोमेट्रिस्ट श्री सूरज मिश्रा शामिल रहे। इस शिविर में कुल 156 ग्रामीणों का पंजीकरण कर उपचार किया गया।
इस गांव के अस्पताल में डॉक्टर न होने के कारण लोगों को इलाज के लिए 52 किलोमीटर है थराली जाना पड़ता है। चमोली जनपद में ये ग्राफिक एरा का चौथा चलता फिरता अस्पताल है।

छात्र छात्राओं ने सीखे कनाडाई व्यंजन बनाना
देहरादून, 27 जनवरी । ग्राफिक एरा में छात्रों को विदेशी व्यंजनों, उनकी संस्कृति, प्रस्तुति शैली और आधुनिक कुकिंग तकनीकों की जानकारी दी गई।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज कुलिनरी कनेक्ट वर्कशॉप का आयोजन किया गया। वर्कशॉप में कनाडा के तापाबार रेस्तरों के एक्जीक्यूटिव शेफ अजय डंगवाल ने कहा कि कुकिंग केवल भोजन बनाना नहीं बल्कि एक रचनात्मक कला है। एक अच्छा शेफ बनने के लिए केवल तेज़ दिमाग, ज्ञान और तकनीकी कौशल ही पर्याप्त नहीं होते, बल्कि स्वयं को आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत करना और भोजन की सुंदर प्रस्तुति करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
शेफ अजय डंगवाल 2010 बैच के हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के छात्र हैं। वर्कशॉप में शेफ अजय ने छात्रों को कैनेडियन क्यूजीन के व्यंजन बनाने सिखाए। वर्कशॉप में दौरान गार्लिक मशरूम, पनीर क्रोकेट्स, स्पेनिश चिकन राइस और व्हाइट बीन चिकन सूप बनाया गया।

वर्कशॉप का आयोजन ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट डिपार्टमेंट ने किया। वर्कशॉप में हॉस्पिटैलिटी मैनेजमेंट के हेड डॉ अमर डबराल, डॉ रविश कुकरेती, आकाश रावत, सोनम सेमवाल समेत अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए।
ग्राफिक एरा ने छः ब्लॉकों के बच्चों को दिया कंप्यूटर प्रशिक्षण
देहरादून , 27 जनवरी । ग्राफिक एरा के विशेषज्ञों ने देहरादून के छह विकासखंडों के स्कूली बच्चों को डिजिटल और कंप्यूटर आधारित तकनीकी प्रशिक्षण दिया।
आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में कंप्यूटर एडेड सर्टिफिकेट ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले छात्रों को प्रमाण पत्र दिए गए। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति डा. अमित आर. भट्ट ने कहा कि वर्तमान समय तकनीकी क्रांति का है, जहाँ एआई, मशीन लर्निंग और डेटा साइंस जैसे क्षेत्र भविष्य की शिक्षा और रोजगार के प्रमुख आधार बन रहे हैं।
विशिष्ट अतिथि पर्यावरणविद श्री सच्चिदानंद भारती ने कहा कि कठोर परिश्रम ही सफलता की कुंजी है और निरंतर प्रयास से ही लक्ष्य प्राप्त किए जा सकते हैं। उन्होंने ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशंस के चेयरमैन डा. कमल घनशाला और ग्राफिक एरा संस्थान के प्रयासों की सराहना की ।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम देहरादून जनपद के छह विकासखंडों—कालसी, चकराता, विकासनगर, राजपुर, सहसपुर एवं डोईवाला—के सरकारी विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 9 से 12 तक के छात्र छात्राओं के लिए आयोजित किया गया था। इस ट्रेनिंग प्रोग्राम के अंतर्गत छात्रों को ऑनलाइन माध्यम से कंप्यूटर एवं डिजिटल कौशल का प्रशिक्षण प्रदान किया गया। 60 छात्र छात्राओं ने इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लिया। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले छात्र छात्राओं को प्रमाण पत्र प्रदान दिए गए।
इस कार्यक्रम का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट और डिस्ट्रिक्ट इंस्टीट्यूशन ऑफ़ एजूकेशन एंड ट्रेनिंग (डाइट) ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट के हेड डा. अनुपम सिंह, डायट की प्रधानाचार्य सुश्री हेमलता गौर उनियाल, प्रवक्ता सुश्री ऋचा जुयाल , प्रोग्राम कॉर्डिनेटर शिवाशीष डौंडियाल, अन्य शिक्षा शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन सोनल मल्होत्रा ने किया।
