देव भूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कृषि कुंभ -2026 मेले का भव्य आगाज़
देव भूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय में दो दिवसीय कृषि कुंभ -2026 मेले का भव्य आगाज़
देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय, देहरादून में 23–24 फ़रवरी 2026 को दो दिवसीय “कृषि कुंभ” का पारंपरिक एवं भव्य शुरुआत सोमवार को विश्वविद्यालय परिसर में हो गईं । कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को गरिमामय उद्घाटन समारोह के साथ किया गया। इस वर्ष कृषि कुंभ की थीम “पहाड़ी किसानों को सतत एवं जलवायु-सहिष्णु तरीकों से सशक्त बनाना” निर्धारित की गई है, जिसका उद्देश्य पर्वतीय क्षेत्रों के कृषकों को आधुनिक एवं टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. दुर्गेश पंत, एसोसिएट चेयरमैन एवं महानिदेशक, उत्तराखंड राज्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी परिषद (UCOST) उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथि के रूप में “पद्म श्री” से सम्मानित एवं प्रगतिशील जैविक कृषि विशेषज्ञ प्रेम चंद शर्मा ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई।

पहले दिन किसानों, शिक्षकों, कृषि विशेषज्ञों एवं विभिन्न क्षेत्रों से आए प्रतिभागियों में विशेष उत्साह देखने को मिला। इस आयोजन का संचालन विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एग्रीकल्चर द्वारा किया जा रहा है। परिसर में विभिन्न विश्वविद्यालयों से आए विद्यार्थियों तथा देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय के छात्रों ने नवाचार आधारित कृषि तकनीकों एवं उत्पादों की प्रदर्शनी हेतु अनेक स्टॉल लगाए। राज्य के 13 जनपदों से आए किसानों ने मेले में सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का भी आयोजन किया गया, जिसने समारोह को और अधिक आकर्षक बना दिया।मुख्य अतिथि डॉ. दुर्गेश पंत ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि ही राष्ट्र की समृद्धि और सशक्तिकरण का आधार है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और जैव विविधता के संदर्भ में आधुनिक कृषि ऐप्स, जैविक खेती, हाइड्रोपोनिक तकनीक तथा ऐतिहासिक किसान आंदोलनों से प्रेरणा लेने की आवश्यकता पर बल दिया।इस बेहतरीन आयोजन के लिए विश्वविद्यालय के प्रेसिडेंट माननीय संजय बंसल ने सभी आयोजकों और प्रतिभागियों को हार्दिक बधाई दी और समाज और राष्ट्र के हित में सकारात्मक प्रयास बताया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस प्रेसिडेंट श्रीमान अमन बंसल ने अपनी प्रसन्नता जाहिर किया और इस कृषि मेले के सार्थक महत्व पर प्रकाश डाला।

सम्मेलन के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति अजय कुमार, प्रति-कुलपति रितिका मेहरा तथा डीन मनीषा फौगाट ने भी कृषि कुंभ-2026 के महत्व पर प्रकाश डालते हुए किसानों को भविष्य में भी सतत सहयोग एवं प्रोत्साहन देने का आश्वासन दिया।

आयोजन का मुख्य उद्देश्य किसानों, शिक्षकों, विशेषज्ञों एवं विद्यार्थियों को उन्नत कृषि दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना तथा संवाद एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच प्रदान करना है। इस आयोजन में किसानों और विशेषज्ञों में महत्वपूर्ण और सार्थक चर्चा भी हुई जिससे किसानों को उन्नत फसल और खेती के लिए कई महत्पूर्ण जानकारी भी प्राप्त हुईं।कार्यक्रम की प्रभावशाली शुरुआत से यह स्पष्ट है कि कृषि कुंभ किसानों और विशेषज्ञों के लिए अत्यंत सार्थक एवं उपयोगी सिद्ध होगा।इस कृषि कुंभ मेले में विभिन्न उत्पादों के ३० से ज्यादा स्टॉल भी प्रदर्शित किए गए गए थे। जिसमें कई तरह नवाचार और उन्नत खेती से प्राप्त किए गए उत्पाद भी प्रदर्शित किए गए थे।
