एआई नियंत्रण में रहे, तभी बेहतर – डा. नरेश
एआई नियंत्रण में रहे, तभी बेहतर – डा. नरेश
देहरादून , 21 फरवरी । राज्यसभा के सदस्य डा. नरेश बंसल ने कहा कि एआई एक अत्यंत शक्तिशाली तकनीक है, इसलिए आवश्यक है कि हम इसे अपने नियंत्रण में रखते हुए मानवता और समाज के कल्याण के लिए कार्य करें, न कि स्वयं इसके नियंत्रण में आकर इसके अनुसार कार्य करने लगें।

वह आज ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ‘अलाइव’ के समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। डा. बंसल ने कहा कि आज पूरे विश्व में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर व्यापक चर्चा और मंथन हो रहा है। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं के लिए एआई को एक अत्यंत महत्वपूर्ण और भविष्य निर्माण करने वाली तकनीक बताया। डॉ. बंसल ने एआई के दुरुपयोग को लेकर चिंता भी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध जैसे क्षेत्रों में एआई का गलत उपयोग एक गंभीर चुनौती बनकर उभर रहा है। इसलिए यह आवश्यक है कि एआई का उपयोग नैतिक मूल्यों और जिम्मेदारी के साथ किया जाए, ताकि यह तकनीक समाज के विकास और मानवता के कल्याण में सहायक सिद्ध हो सके, न कि किसी प्रकार के दुरुपयोग का कारण बने।

कुलपति डा. अमित आर. भट्ट ने कहा कि वास्तविक प्रगति वही है, जो समाज और मानवता के कल्याण को केंद्र में रखते हुए उनके जीवन को बेहतर, सुरक्षित और समृद्ध बनाने में योगदान दे। यूकोस्ट के वैज्ञानिक डा. पीयूष गोयल ने कहा कि एआई के आने से अध्ययन और शोध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है, इसलिए हमें नई तकनीकों को अपनाकर स्वयं को भविष्य के अनुरूप तैयार करना चाहिए।
दो दिवसीय इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन में विशेषज्ञों ने एआई आधारित दवा खोज, स्मार्ट हेल्थकेयर, डिजिटल थेरेप्यूटिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन, फार्मास्यूटिकल नवाचार और सार्वजनिक स्वास्थ्य में एआई के उपयोग जैसे विषयों पर अपने शोधपत्र प्रस्तुत किए। सम्मेलन में देश विदेश के विशेषज्ञों, वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यमों से भाग लिया।

इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ़ फार्मेसी ने किया। सम्मेलन में यूनिवर्सिटी के डीन ऑफ एकेडमिक्स डा. प्रमोद एस नैयर, कुलसचिव डा. डी. के. जोशी, डीन ऑफ स्कूल ऑफ़ फार्मेसी, डा. नरदेव सिंह , ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी डा. इंदु सिंह के साथ डा. दिनेश पुरी ,डा. अरुण कुमार, डा. दीपिका रैना अन्य शिक्षक शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल हुए। सम्मेलन का संचालन डा. भारती शर्मा ने किया।
