Wed. Feb 4th, 2026

उत्तराखण्ड प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार को दो दिन की बारिस में बरसे कहर पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार बताते हुए घेरा

उत्तराखण्ड प्रदेश कंाग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रदेश की भाजपा सरकार को दो दिन की बारिस में बरसे कहर पर लापरवाही के लिए जिम्मेदार बताते हुए घेरा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री, आपदा प्रबन्धन मंत्री व तमाम अधिकारी व सरकारी तंत्र मौसम विभाग की चार दिन पहले आई स्पष्ट चेतावनी के बावजूद सोया रहा जिसके कारण अब तक प्राप्त सूचनाओं के अनुसार 28 से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पडी तथा लोगों को जानमाल का भारी नुकसान हुआ है। कई सरकारी व निजी भवन आपदा की भेंट चढ गये हैं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री जी भी मात्र फोन पर जानकारी लेकर रश्म अदायगी करते दिखाई दिये। आपदा मंत्री डाॅ0 धन सिंह रावत रोम जल रहा था, नीरो बंशी बजा रहा था, वो अपने घर में 11, 12 बजे तक तो सोते हाई रहे और उनका देखा देखी तंत्र भी सो गया, की कहावत को चरितार्थ कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बरसात शुरू होने से पहले ही राज्य के कई जनपदों में दैवीय आपदा से जानमाल का भारी नुकसान हो चुका है परन्तु राज्य सरकार द्वारा पीडितों को कोई सहायता नही दी गई। एक ओर कोरोना महामारी का दंश झेल रही जनता को दैवीय आपदा का दंश झेलना पड़ रहा है परन्तु राज्य सरकार कानों मंे तेल डाल कर सो रही ही है।
गणेश गोदियाल ने धामी सरकार के 100 दिन की उपलब्धियों पर भी कडा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा सरकार के पंाच साल निराशा जनक तथा सभी मोर्चों पर असफलता के मापदण्ड वाले, तीन मुख्यमंत्रियों के कीर्तिमान व मुख्यमंत्री धामी को 100 दिन में घोषणावीर के रूप में ही जनता जान पाई है। उन्होंने कहा कि जितनी घोषणायें मुख्यमंत्री धामी ने की हैं उन्हंे धरातल में उतारने के लिए न तो सरकार के पास साधन हैं और न इच्छा शक्ति नजर आती है। जो सरकार अपने पांच वर्ष के कार्यकाल में कुछ न कर पाई हो उसने 100 दिन में क्या किया होगा यह जनता जान रही है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि कोरोना महामारी में भाजपा की प्रदेश सरकार पूरी तरह विफल रही है। प्रदेश की निकम्मी सरकार की नाकामी की वजह से हजारों लोगों को अपनी जान से हाथ धोने पडे हैं। कोविड वैक्सिनेसन पर भी सरकार ने दोहरा मापदण्ड अपनाया था। वैक्सीन के अलग-अलग दामों पर मा0 न्यायालय भाजपा सरकार को लताड लगा चुका है। वैक्सिनेशन के मामले मे केन्द्र व राज्य सरकार लगातार जनता को भ्रमित करने का काम करती रही है। न्यायालय ने राज्य सरकारों द्वारा ग्लोबल टैण्डर के माध्यम से खरीदी जाने वाली दवावों की अलग-अलग कीमतों पर भी केन्द्र सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था। उन्होंने कहा कि सरकार ने निजी चिकित्सा संस्थाओं को खुली छूट दे दी जिन्होंने मनमाने दाम पर वैक्सीन लगाई तथा निजी संस्थानों को लाभ पहुंचाने की नीयत से जानबूझ कर सरकारी अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध नहीं कराई गई।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *